देश के उत्तर भारत में भीषण गर्मी जारी है। उत्तर भारत आग की भट्टी में तब्दील हो गया है। कई इलाकों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। लू की तेज हवाएं, कड़ी धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को देश के करीब 50 फीसदी हिस्सों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, विदर्भ और ओडिशा समेत कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है। उत्तर प्रदेश के बांदा में सबसे अधिक 48.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो देश में सबसे ज्यादा रहा।
वहीं उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। बांदा, खजुराहो, वर्धा, रोहतक और नागपुर जैसे शहर तेज धूप और गर्म हवाओं की चपेट में हैं। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मई के अंत तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। उत्तर-पश्चिम, पश्चिम, मध्य, पूर्वी और उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत के कई हिस्सों में तापमान 40 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच बना रह सकता है। साथ ही लू चलने की स्थिति भी जारी रहने की आशंका है।
भीषण गर्मी के कारण दिन में बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और सड़क पर काम करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को दोपहर के समय बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने, ओआरएस का सेवन करने और हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनने की सलाह दी है। प्रशासन भी सतर्क है और स्कूलों के समय में बदलाव, पशुओं के लिए छाया और पानी की व्यवस्था जैसी तैयारियां की जा रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार यदि अगले कुछ दिनों में प्री-मानसून बारिश या ठंडी हवाएं नहीं चलीं तो गर्मी की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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