होर्मुज स्ट्रेट में एक और भारतीय जहाज गोलीबारी की चपेट में आ गया। नाविकों के एक संगठन के प्रतिनिधि के अनुसार, बीते शुक्रवार को हुई इस घटना में गुजरात के एक नाविक की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। शिपिंग निदेशालय के अधिकारियों ने घटना की पुष्टि की है, हालांकि विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, लकड़ी से बने इस जहाज की पहचान अल फैज नूर-ए-सुलेमानी 1 के रूप में हुई है। जहाज पर कुल 18 सदस्यीय क्रू सवार था। यह 7 मई को दुबई से यमन के मुक्कम के लिए रवाना हुआ था। 8 मई की रात करीब एक बजे, होर्मुज स्ट्रेट पार करते समय जहाज दो पक्षों के बीच हुई गोलीबारी की चपेट में आ गया।
ईरान-अमेरिका तनाव के बाद से होर्मुज क्षेत्र लगातार संवेदनशील बना हुआ है। समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखा जा रहा है।
नाविक संगठन के महासचिव आदम भाया ने अधिकारियों को भेजे पत्र में इस घटना को अमेरिका और ईरान की सेनाओं के बीच हुई हिंसक झड़प का परिणाम बताया। मृतक नाविक अल्ताफ टी. जहाज पर इंजन ड्राइवर के रूप में कार्यरत थे। वे गुजरात के द्वारका जिले के एक गांव के निवासी थे।
घटना के बाद बाकी क्रू सदस्यों को सुबह करीब 7 बजे स्थानीय समयानुसार दूसरे जहाज MSV प्रेम सागर-1 द्वारा सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी को दुबई पोर्ट पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने भी बचाए गए नागरिकों से मुलाकात की।
इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जे. ने जानकारी दी थी कि 11 भारतीय जहाज होर्मुज क्षेत्र से बाहर निकल चुके हैं, जबकि 13 जहाज अब भी फारस की खाड़ी में मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जहाजों की आवाजाही के लिए अलग अनुमति की जरूरत नहीं होती, जबकि भारतीय समुद्री सीमा में प्रवेश से जुड़े मामलों पर तकनीकी अधिकारी निर्णय लेते हैं।
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