दक्षिण चीन सागर के रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में बुधवार को एक अहम सैन्य गतिविधि देखने को मिली। फिलीपींस और अमेरिका के संयुक्त वार्षिक बालिकातन युद्धाभ्यास के दौरान जापान की सेल्फ-डिफेंस फोर्स ने टाइप-88 एंटी-शिप मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस परीक्षण में फिलीपींस नौसेना के एक पुराने युद्धपोत को निशाना बनाकर नष्ट किया गया।
इस घटना के बाद चीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। बीजिंग ने इसे कई दशकों बाद जापान की ओर से किया गया बड़ा आक्रामक मिसाइल परीक्षण बताया। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि जापान अपनी पारंपरिक रक्षात्मक नीति से हटकर सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है।
यह सैन्य अभ्यास फिलीपींस के उत्तरी तटीय क्षेत्र के पास आयोजित किया गया। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह केवल सामान्य युद्धाभ्यास नहीं बल्कि दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच एक रणनीतिक संदेश भी माना जा रहा है। जिस समुद्री इलाके के पास यह अभ्यास हुआ, उस पर चीन लंबे समय से अपना दावा करता रहा है।
अभ्यास के दौरान जापान ने दो मिसाइलें दागीं, जिन्होंने तय लक्ष्य पर सटीक हमला किया। इस दौरान फिलीपींस और जापान के वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने मौके पर मौजूद रहकर पूरे अभियान का निरीक्षण किया। वहीं फिलीपींस के राष्ट्रपति ने राजधानी से इसका सीधा प्रसारण देखा।
हाल के वर्षों में जापान ने अपनी रक्षा नीतियों और सैन्य सहयोग को लेकर कुछ पुराने प्रतिबंधों में ढील दी है। इसी क्रम में फिलीपींस और जापान के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ रहा है। दोनों देशों के बीच युद्धपोत और अन्य रक्षा उपकरणों को लेकर भी बातचीत चल रही है।
इस युद्धाभ्यास में अमेरिका और जापान के अलावा कनाडा, फ्रांस और न्यूजीलैंड जैसे देशों की भागीदारी ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा सहयोग की तस्वीर भी पेश की है।

Post a Comment