छत्तीसगढ़ में पारंपरिक ‘कुक्कुट दंगल’ यानी मुर्गा लड़ाई का चलन एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। प्रदेश के कई इलाकों में लड़ाकू मुर्गों की मांग तेजी से बढ़ रही है। खास बात यह है कि ये मुर्गे 50 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक में खरीदे-बेचे जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, स्थानीय नस्लों के साथ-साथ Andhra Pradesh और Telangana से विशेष रूप से प्रशिक्षित फाइटर मुर्गे मंगाए जा रहे हैं। एक वर्ष या उससे अधिक उम्र के मजबूत और प्रशिक्षित मुर्गों की कीमत ज्यादा होती है।

इन मुर्गों को विशेष आहार और प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे उनकी ताकत और फुर्ती बनी रहती है। हालांकि, दांव पर रकम लगाने की वजह से मुर्गा लड़ाई कानूनी रूप से प्रतिबंधित है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में यह परंपरा और मनोरंजन के रूप में अब भी लोकप्रिय बनी हुई है।

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