इंदौर के सदर बाजार ईदगाह मैदान पर शनिवार को ईद-उल-फितर का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर मुस्लिम समाज के हजारों लोगों ने सामूहिक नमाज अदा की। शहर काजी डॉ. इशरत ने नमाज के बाद खुतबा पढ़ा और देश में अमन, चैन, शांति और आपसी भाईचारे के लिए दुआ मांगी। उन्होंने अपने संबोधन में समाज को एकता और प्रेम का संदेश दिया।

उन्होंने कहा कि परिवारों को नशे से दूर रहना चाहिए, क्योंकि इससे परिवार बिगड़ते हैं। नशा समाज की नई पीढ़ी को प्रभावित कर रहा है। जो लोग नशा बेचकर समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं, उनका बहिष्कार होना चाहिए। पहले नशा बेचने वालों को गलत नजर से देखा जाता था, लेकिन आजकल नशा आम होता जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि नशे के कारण परिवारों में विवाद बढ़ते हैं और इसका सीधा असर बच्चों पर पड़ता है। बच्चों को स्मार्टफोन के अत्यधिक उपयोग से भी दूर रखने की सलाह दी गई, क्योंकि इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नशा हमारे समाज के लिए एक बड़ी चुनौती है।

उन्होंने कहा कि भारत एकता और भाईचारे वाला देश है। इंदौर लंबे समय से आपसी सौहार्द की मिसाल रहा है। यहां विभिन्न समुदायों के लोग मिल-जुलकर परंपराएं निभाते हैं। हमें किसी भी तरह के भेदभाव से दूर रहकर आपसी भाईचारा बनाए रखना चाहिए।

ईद के मौके पर वर्षों पुरानी परंपरा भी निभाई गई। एक स्थानीय परिवार ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस में शामिल हुआ। शहर काजी बग्घी पर सवार होकर ईदगाह पहुंचे, जहां लोगों ने उनका स्वागत किया। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी।

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