ईरान-इजरायल के बीच बढ़े तनाव के कारण दुनिया भर में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, पीएनजी और एलएनजी की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी हुई है। इसके बावजूद पिछले एक सप्ताह में वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में बड़ा बदलाव देखने को नहीं मिला है। 2 मार्च 2026 और 9 मार्च 2026 के उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पेट्रोल और एलपीजी के दाम ज्यादातर देशों में लगभग स्थिर रहे।

हालांकि कुछ देशों में स्थानीय स्तर पर कीमतों में तेज बदलाव देखने को मिला। भारत में एलपीजी सिलेंडर की कीमत करीब 115 रुपये तक बढ़ गई, जबकि पाकिस्तान में पेट्रोल लगभग 55 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो गया। इसके बावजूद वैश्विक बाजार में कुल मिलाकर ईंधन की कीमतें ज्यादा अस्थिर नहीं दिखीं।

दुनिया में एलपीजी की औसत कीमत

9 मार्च 2026 तक दुनिया भर में एलपीजी की औसत कीमत करीब 73.56 रुपये प्रति लीटर बताई गई है। अलग-अलग देशों में इसकी कीमत में बड़ा अंतर देखा जाता है। आमतौर पर विकसित देशों में एलपीजी महंगी होती है, जबकि गैस उत्पादन करने वाले या अपेक्षाकृत गरीब देशों में यह सस्ती मिलती है।

कीमतों में यह अंतर मुख्य रूप से टैक्स और सब्सिडी की नीतियों के कारण होता है। कई देश अंतरराष्ट्रीय बाजार से लगभग समान कीमत पर गैस खरीदते हैं, लेकिन स्थानीय टैक्स और सरकारी सब्सिडी के कारण उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली कीमत अलग-अलग हो जाती है। कुछ देशों में ईंधन बाजार नियंत्रित होने की वजह से कीमतें महीने में एक बार ही अपडेट की जाती हैं।

पेट्रोल कीमतों में मामूली बदलाव

2 मार्च से 9 मार्च के बीच पेट्रोल की कीमतों में भी ज्यादातर देशों में हल्का बदलाव ही दर्ज हुआ। उदाहरण के तौर पर लीबिया में पेट्रोल 2.170 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 2.173 रुपये हो गया। ईरान में यह 2.631 रुपये से बढ़कर 2.636 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया, जबकि वेनेजुएला में भी मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई।

मध्य-पूर्व के कई तेल उत्पादक देशों में भी कीमतें लगभग स्थिर रहीं। कुवैत में पेट्रोल 31.425 रुपये से बढ़कर 31.511 रुपये प्रति लीटर हुआ। सऊदी अरब में कीमत 57.111 रुपये से बढ़कर 57.221 रुपये प्रति लीटर हो गई। ओमान और बहरीन में भी इसी तरह हल्की बढ़ोतरी देखी गई।

एलपीजी बाजार में भी हल्की हलचल

एलपीजी की कीमतों में भी सीमित बदलाव देखने को मिला। अल्जीरिया में एलपीजी 8.438 रुपये से घटकर 8.408 रुपये प्रति लीटर हो गई, जबकि अंगोला में कीमत 10.031 रुपये से बढ़कर 10.051 रुपये हो गई।

रूस में एलपीजी की कीमत 37.887 रुपये से घटकर 37.286 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई, जिसे अपेक्षाकृत बड़ी गिरावट माना जा रहा है। वहीं अजरबैजान में कीमत 35.171 रुपये से बढ़कर 37.952 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई, जो इस सूची में सबसे बड़ी बढ़ोतरी में से एक है।

वैश्विक बाजार फिलहाल संतुलित

कुल मिलाकर आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक ऊर्जा बाजार अभी अपेक्षाकृत संतुलित स्थिति में है। बड़े तेल उत्पादक देशों में कीमतों के स्थिर रहने से आयात पर निर्भर देशों को भी कुछ राहत मिल रही है। हालांकि अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो आने वाले समय में पेट्रोल और एलपीजी के दामों में बड़े उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं।

Post a Comment

Previous Post Next Post