शहर की समस्याओं के त्वरित और मौके पर समाधान के उद्देश्य से महापौर अब सप्ताह में दो दिन सीधे जनता के बीच पहुंचकर ‘संकल्प से समाधान’ जनता चौपाल लगाएंगे। प्रदेश सरकार द्वारा संचालित ‘संकल्प से समाधान’ शिविरों को आगे बढ़ाते हुए यह पहल शुरू की जा रही है।

इसकी शुरुआत एक प्रमुख विचारक की पुण्यतिथि से की जाएगी। उनका मूल मंत्र “अंतिम व्यक्ति का उदय” रहा है। इसी भावना को आधार बनाकर महापौर ने जनता से सीधे संवाद कर समस्याओं को स्थल पर ही निपटाने का लक्ष्य रखा है।

जनता चौपाल सप्ताह में दो बार आयोजित की जाएगी। यानी हर सप्ताह दो वार्डों में इसका आयोजन होगा। चौपाल में महापौर के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, क्षेत्रीय पदाधिकारी और नगर निगम के सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। चौपाल सुबह 8 बजे से शुरू होगी, जिसमें सबसे पहले क्षेत्र के प्रमुख स्थानों का निरीक्षण किया जाएगा।

इसके बाद जनसंवाद होगा और फिर जनता चौपाल में बैठकर लोगों की समस्याएं सुनी व दर्ज की जाएंगी। समस्याओं का स्थानीय परिस्थिति के अनुसार तत्काल समाधान या आवश्यक निर्देश मौके पर ही दिए जाएंगे। लगभग 3 घंटे तक चलने वाली इस चौपाल में नगर निगम के 12 विभागों के अधिकारी और विभागाध्यक्ष भी शामिल रहेंगे।

इस पहल के माध्यम से नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अब दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, क्योंकि प्रशासन स्वयं उनके पास पहुंचेगा।

महापौर ने कहा कि जनता की समस्या को समझने का सबसे अच्छा तरीका है सीधे उनके बीच जाकर सुनना। “अंतिम व्यक्ति के उदय” के सिद्धांत को आधार बनाकर यह जनता चौपाल शुरू की जा रही है। प्रयास है कि हर वार्ड की समस्याओं का समाधान स्थल पर ही और समयबद्ध तरीके से हो।

बुधवार को महापौर एक वार्ड के जोन क्षेत्र में लोगों से संवाद कर जन समस्याओं का निराकरण करेंगे। वे सुबह एक प्रमुख उद्यान से शुरुआत करेंगे और इसके बाद संबंधित क्षेत्र के एक गांव का दौरा करेंगे।



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