गुजरात के पशुपालन और डेयरी उद्योग के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई है। अमरेली जिले में स्थित राज्य पशुधन विकास बोर्ड की एम्ब्रियो ट्रांसफर प्रयोगशाला में अत्याधुनिक इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) तकनीक के माध्यम से राज्य में पहली बार शुद्ध गिर नस्ल की बछिया का सफल जन्म हुआ है। यह उपलब्धि वैज्ञानिक प्रगति के साथ-साथ पशुपालकों की आर्थिक समृद्धि की दिशा में भी एक अहम कदम मानी जा रही है।

राज्य की गौरवशाली गिर नस्ल के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से गिर ब्रीडिंग ट्रैक क्षेत्र में आने वाले जिलों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एम्ब्रियो ट्रांसफर प्रयोगशाला की स्थापना की गई है।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि इस प्रयोगशाला में राष्ट्रीय डेयरी संस्थान के तकनीकी सहयोग से प्रारंभिक चरण में 13 रिसिपिएंट पशुओं में आईवीएफ तकनीक द्वारा भ्रूण प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की गई थी।

इस परियोजना की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि हाल ही में कांकरेज नस्ल की एक रिसिपिएंट (सरोगेट) गाय के गर्भ से शुद्ध गिर नस्ल की बछिया का जन्म हुआ। इस प्रक्रिया में उच्च आनुवंशिक क्षमता वाली गिर गाय के भ्रूण का उपयोग किया गया, जिससे जन्मी बछिया में भी डोनर पशु जैसे उत्कृष्ट गुण देखने को मिले हैं।

पशुपालन विभाग के अनुसार, आगामी समय में एम्ब्रियो ट्रांसफर प्रयोगशाला में उपलब्ध 30 से अधिक रिसिपिएंट पशुओं में भ्रूण प्रत्यारोपण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे राज्य में गिर नस्ल के संवर्धन को नई दिशा मिलेगी और डेयरी क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।

सामान्यतः उच्च आनुवंशिक क्षमता वाली मादा गाय अपने जीवनकाल में केवल 7 से 8 बछड़ों को जन्म देती है, लेकिन आईवीएफ तकनीक के माध्यम से एक ही डोनर पशु से उसके जीवनकाल में लगभग 100 उच्च गुणवत्ता वाले बछड़े प्राप्त किए जा सकते हैं।

आईवीएफ प्रक्रिया में श्रेष्ठ गुणों वाले पशुओं को डोनर के रूप में चुना जाता है। उनसे अंडाणु लेकर प्रयोगशाला में निषेचन किया जाता है और विकसित भ्रूण को सामान्य या कम दुग्ध उत्पादन वाली रिसिपिएंट गाय में प्रत्यारोपित किया जाता है। इस तकनीक से जन्मे बछड़ों में भी डोनर पशु जैसे उत्कृष्ट आनुवंशिक लक्षण पाए जाते हैं।

इस आधुनिक तकनीक के व्यापक उपयोग से राज्य में उच्च गुणवत्ता वाले पशुओं की संख्या बढ़ेगी, दूध उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और इसका सीधा लाभ पशुपालकों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में मिलेगा।

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