मेघालय में अवैध कोयला खनन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए हाईकोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में हुए जानलेवा खदान विस्फोट मामले में खदान मालिकों और इससे जुड़े लोगों की तत्काल गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। इस हादसे में अब तक 18 मजदूरों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस एच. एस. टी. और जस्टिस डब्ल्यू. डी. शामिल हैं, ने थांगस्कू इलाके में हुए इस विस्फोट से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई कि 14 जनवरी को हुई इस भीषण घटना के बावजूद जिले में अवैध कोयला खनन गतिविधियां लगातार जारी हैं, जो सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों का खुला उल्लंघन है।

कोर्ट ने ईस्ट जयंतिया हिल्स के जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिना किसी देरी के खदान मालिकों, ऑपरेटरों और अवैध खनन में शामिल सभी लोगों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित करें। साथ ही खनन में उपयोग किए जा रहे सभी उपकरण, दस्तावेज और अन्य आपत्तिजनक सामग्री को जब्त करने के आदेश भी दिए गए हैं। 

बेंच ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि हादसे में प्रभावित सभी लोगों, जिनमें घायल मजदूर भी शामिल हैं, को जहां संभव हो तत्काल चिकित्सा सहायता और आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाए।

अधिकारियों पर भी सख्ती

इसके अलावा हाईकोर्ट ने जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को 9 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की है, जिसमें गिरफ्तारियों, जब्ती और अवैध खनन रोकने के उपायों का पूरा विवरण शामिल होगा। साथ ही यह भी स्पष्ट करने को कहा गया है कि पूर्व घटनाओं और कानूनी प्रतिबंधों के बावजूद ऐसी गतिविधियां कैसे जारी रहीं।

गौरतलब है कि गुरुवार को थांगस्कू इलाके में एक संदिग्ध अवैध कोयला खदान में हुए जोरदार धमाके के बाद कई मजदूरों की मौत हो गई थी। अब तक 18 शव बरामद किए जा चुके हैं, जिसे हाल के वर्षों के सबसे खतरनाक खनन हादसों में से एक माना जा रहा है।

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