बैतूल जिले में पुलिस ने अवैध ऑनलाइन बेटिंग और साइबर ठगी चलाने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए करीब 9.84 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला उजागर किया है। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क दुबई से संचालित हो रहा था, जबकि भारत में इसके लिए स्थानीय एजेंट काम कर रहे थे।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर फ्रॉड से जुड़े एक पुराने मामले में पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां मिलीं। इसी आधार पर अब तक कुल 6 आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने इनके पास से 20 एटीएम कार्ड, कई पासबुक, चार मोबाइल फोन और लेन-देन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं।
पहली कार्रवाई 20 नवंबर 2025 को की गई थी, जिसमें तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 7 दिसंबर 2025 को एक अन्य आरोपी को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि एक आरोपी पूरे नेटवर्क में कैश ऑपरेटर की भूमिका निभा रहा था और उसी के जरिए उसकी मुलाकात नेटवर्क के अन्य सदस्यों से हुई।
11 दिसंबर 2025 को पुलिस ने दो और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से एक की भूमिका बैंक खातों से रकम निकालने और कैश ट्रांजेक्शन को आगे बढ़ाने की थी, जिसके पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड और पासबुक बरामद हुईं। दूसरा आरोपी इस अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है, जो दुबई से संचालित सट्टा साइटों की मास्टर आईडी खरीदकर भारत में 25 हजार से 2 लाख रुपये तक में बेचता था। उसके पास से एक कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस को कार्रवाई के दौरान कई सक्रिय ऑनलाइन बेटिंग साइटों के लिंक भी मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह ठगी से हुई कमाई का इस्तेमाल महंगे मकान, लग्जरी कारों और ऐशो-आराम की जिंदगी में कर रहा था। फिलहाल पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की जांच कर रही है।

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