चंद्रपुर वन विभाग की टीम ने साओली वन परिक्षेत्र से एक बाघिन और उसके तीन अर्ध-वयस्क (sub-adult) शावकों को पकड़ने में सफलता पाई है। यह वही बाघिन परिवार है, जिस पर पिछले कुछ महीनों में तीन लोगों की जान लेने और दो अन्य को घायल करने का आरोप था। यह कार्रवाई दो दिनों तक चली, जिसमें रविवार शाम दो शावकों को और सोमवार को बाघिन व तीसरे शावक को पकड़ा गया।
जानकारी के अनुसार, बाघिन (जिसकी पहचान F-4 के रूप में की गई है) अपने तीन शावकों के साथ साओली क्षेत्र के गाँवों के आसपास लगातार घूम रही थी। ग्रामीणों ने कई बार खेतों के पास इन बाघों को देखा था, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल था। बढ़ती शिकायतों के बाद वन विभाग ने 24 अक्टूबर को इन बाघों को पकड़ने के आदेश जारी किए थे।
वन विभाग के अधिकारी ने बताया कि चंद्रपुर की रैपिड रिस्पॉन्स यूनिट (RRU) को ट्रैकिंग के लिए लगाया गया। साओली रेंज के कर्मचारियों के सहयोग से टीम ने व्हायड परिक्षेत्र के उमरी बीट में बाघिन परिवार का पता लगाया और कुछ दिन पहले ही कम्पार्टमेंट नंबर 198 में शिकार (bait) लगाया गया था।
रविवार शाम को लगभग 18 से 20 महीने के एक नर और एक मादा शावक को बेहोशी का इंजेक्शन देकर सुरक्षित पकड़ा गया। यह कार्रवाई संबंधित क्षेत्र अधिकारी और पशु चिकित्सक की देखरेख में की गई। सहायक वन संरक्षक (ACF) ने पूरे अभियान की निगरानी की।
अगले दिन यानी सोमवार को अभियान जारी रहा और तीसरे मादा शावक को भी बेहोश कर पकड़ लिया गया। इसके कुछ घंटों बाद बाघिन को भी सुरक्षित रूप से बेहोश कर पिंजरे में बंद कर लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, पकड़े गए तीनों शावक (दो मादा और एक नर) की उम्र लगभग 18 से 20 महीने है, जबकि बाघिन करीब 5 साल की है और उसका वज़न लगभग 110 किलो है।
चारों बाघों को चंद्रपुर स्थित ट्रांजिट ट्रीटमेंट सेंटर में भेजा जाएगा, जहाँ उनका चिकित्सकीय परीक्षण और व्यवहार संबंधी आकलन किया जाएगा। इसके बाद ही इनके पुनर्वास या स्थानांतरण पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

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