महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सड़कों को लेकर फिर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दौरे में बहुत मामूली सुधार देखने को मिला रहा है। बारिश के पहले भी इन एजेंसियों की मीटिंग ली थी लेकिन जिस तेजी व ईमानदारी से काम होना था वह हुआ नहीं है।

इंदौर में अब बारिश का दौर थम चुका है। सोमवार को धूप खिली, लेकिन सड़कों पर वाहन चालकों को धूल भी मिली। लगातार तीन-चार दिन की बारिश ने सड़कों की हालत खराब कर दी है।बारिश में डामर बह गया और चूरी ने सड़कों का साथ छोड़ दिया। अब कई सड़कों पर गड्ढे ही गड्ढे दिखाई पड़ रहे है और इस कारण वाहन चालक भी हादसे का शिकार हो रहे है। समय पर पेंचवर्क नहीं होने से मेयर पुष्य मित्र भार्गव भी नाराज है। उन्होंने लापरवाह अफसरों के खिलाफ प्रमुख सचिव को पत्र लिखने की तैयारी की है।

शहर के सबसे व्यस्त बीआरटीएस मार्ग के सत्यसांई चौराहा से निरंजनपुर तक दोनों तरफ सड़क टुकड़ों-टुकड़ों में बची है। जूनी इंदौर, अटल द्वारा गेट, विजय नगर रोड, निपानिया मार्ग, बाणगंगा मार्ग पर गड्ढे हो गए है। पूर्वी रिंग रोड पर में बंगाली ब्रिज से मुसाखेड़ी तक सर्विस रोड नहीं बची है। वहां गड्ढों के कारण ट्रैफिक की गति भी धीमी हो गई है। शहर में झांकियां निकलने से पहले पेचवर्क शुरू हो जाता है, लेकिन बारिश लगातार होने की वजह से झांकी रुट के गड्ढे भी इस बार ठीक से नहीं भर पाए।

सरकार और निगम की छवि खराब करने वाले अफसरों पर एक्शन

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने सड़कों को लेकर फिर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि दौरे में बहुत मामूली सुधार देखने को मिला रहा है। बारिश के पहले भी इन एजेंसियों की मीटिंग ली थी। अधिकारियों को निर्देश दिए थे, लेकिन जिस तेजी व  ईमानदारी से काम होना था वह हुआ नहीं है। इससे कहीं न कहीं मध्य प्रदेश सरकार व नगर निगम की छवि खराब होती है।

अब इसे लेकर में एक पत्र सेक्रेटरी और प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भी सूचित करते हुए लिख रहा हूं कि जिन लोगों ने भी इसमें दिशा निर्देश के पालन नहीं किया। उन एजेंसी व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

 


Post a Comment

Previous Post Next Post