काल्पनिक दृश्य

दिल्ली के वसंत कुंज स्थित एक प्राइवेट कॉलेज में कई महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप में नामजद एक स्व-घोषित धार्मिक नेता को शनिवार को उत्तर प्रदेश के एक होटल से गिरफ्तार कर दिल्ली लाया गया। वह कुछ समय से लापता था और पुलिस उसकी कई राज्यों में तलाश कर रही थी। शुरुआती जानकारी के अनुसार फरार रहने के दौरान लगभग 50 दिनों में उसने 15 होटल बदले। जांच में सामने आया है कि वह अक्सर ऐसे सस्ते होटलों में ठहरता था जिनमें सीसीटीवी न होने के कारण पकड़े जाने में मुश्किल होती थी। उसके साथ कुछ सहयोगियों का भी संदेह है जो उसके लिए ठिकाने/होटल चुनने में मदद करते थे; पुलिस उन सहयोगियों की तलाश कर रही है।

कानून-शासन के स्रोतों के मुताबिक, फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है लेकिन वह जांच में पूर्ण रूप से सहयोग नहीं कर रहा और डिजिटल डिवाइस (फोन/टेबल्ट) के पासवर्ड न बताने का दावा कर रहा है। पुलिस ने उसके पास से कुछ मोबाइल फोन और एक टैबलेट बरामद कर लैब जांच के लिए भेज दिए हैं।

कैसे हुई गिरफ्तारी — जांच अधिकारी बताते हैं कि शिकायत दर्ज होने के बाद कई तफ्तीशी टीमें बनाईं गईं और उसे देश से भागने से रोकने के लिए लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में छिपा हुआ है; उपयुक्त सुराग मिलने पर टीम ने उसे एक होटल में पकड़ लिया। गिरफ्तारी देर रात करीब 3:30 बजे हुई।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर विभिन्न शहरों में जगह-बदलकर और टैक्सी का प्रयोग करके छिपा रहता था। उसके पास मिले एक डिवाइस में कॉलेज परिसर/छात्रावास के कुछ सीसीटीवी फुटेज भी मिले, जिनके आधार पर वह छात्राओं की गतिविधियों पर नजर रखता था — यह फुटेज अब जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जांचकर्ताओं ने कहा कि आरोपी और उसके कथित सहयोगियों ने अपनी पहचान बढ़ाने के लिए कुछ फर्जी दस्तावेज और विजिटिंग कार्ड भी रखे हुए थे। पुलिस ने बताया कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में टीमें गठित कर दी गई हैं और शीघ्र ही मामले का खुलासा किया जाएगा।


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