उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मासूम बच्चा, जो अपने पिता के साथ खेत में घास काटने गया था, उसे एक जहरीले कीड़े ने काट लिया। परिजनों ने बच्चे को अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक पर भरोसा किया, जिससे उसकी जान चली गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
यह घटना अछल्दा थाना क्षेत्र के ढुहल्ला गांव की है। यहां के निवासी संतोष सिंह का 10 वर्षीय बेटा मयंक उर्फ रितिक पाल सोमवार सुबह खेत में पिता के साथ घास काटने गया था। इसी दौरान किसी विषैले कीड़े ने उसकी हाथ की उंगली में काट लिया। परिजन तुरंत उसे सीएचसी अछल्दा ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे चिचौली अस्पताल रेफर कर दिया गया।
वहां से शाम करीब पांच बजे उसे सैफई पीजीआई रेफर किया गया, लेकिन परिजन उसे वहां ले जाने के बजाय घर लौट आए और झाड़-फूंक का सहारा लेने लगे।
जब हालत और बिगड़ी तो परिजन मयंक को दोबारा सीएचसी अछल्दा लेकर पहुंचे। वहां डॉ. अविचल पांडे ने इलाज शुरू किया, लेकिन कुछ ही देर में मासूम ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर फैलते ही गांव से बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। मौके पर थाना प्रभारी पंकज मिश्रा भी पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मयंक गांव के प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांच का छात्र था। उसकी असमय मौत से पूरे स्कूल और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्रधानाध्यापिका शकुंतला देवी ने लंच के बाद दो मिनट का मौन रखकर विद्यालय बंद कर दिया। मृतक की मां विनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं छोटे भाई कार्तिक और बहन सृष्टि भी सदमे में हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि विषैले कीड़े के काटने पर तुरंत घबराने के बजाय नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए। एंटी-वेनम सीरम ही इसका प्रभावी इलाज है, जो सभी सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध है।
Post a Comment