एक महीने से बंगाली से मयंक वाटर पार्क की सड़क पर लगातार हादसे हो रहे हैं। कल रात भी यहां पर हादसे में एक युवक की जान चली गई और दूसरा गंभीर घायल है। स्थानीय रहवासी लगातार यह बात उठा रहे हैं लेकिन जिम्मेदार मौन बने हुए हैं।

बंगाली चौराहे के थोड़ा आगे से मयंक वाटर पार्क होते हुए बायपास (स्कीम 140 के बोगदे) तक नौ करोड़ की फोरलेन सड़क बनाई गई है। सड़क के बीच प्रस्तावित डिवाइडर में किसी ने बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए हैं। यह गड्ढे किसने किए हैं पता नहीं चल रहा। पीडब्ल्यूडी का कहना है कि अभी सेंट्रल लाइटिंग का पैसा मंजूर नहीं हुआ है। इसलिए हमने यह गड्ढे नहीं करवाए हैं। 

कारें तक गड्डों में गिर जाती हैं

यहां पर लगातार हादसे हो रहे हैं। पिछले एक महीने में यहां पर कई लोग हादसों में गंभीर घायल हुए हैं। गड्ढे इतने बड़े हैं कि इनमें कारें और अन्य गाड़ियां पूरी अंदर तक उतर जाती हैं। बड़ी मुश्किल के बाद इन्हें वापस निकाला जाता है। कल रात भी यहां पर एक बड़ा हादसा हुआ जिसमें एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरा गंभीर घायल है। बताया जा रहा है कि किसी कार ने दोनों युवक की बाइक को टक्कर मार दी थी। अंधेरे, कीचड़ और गड्ढों की वजह से यहां पर लगातार वाहन टकरा रहे हैं। 

लाइट और डिवाइडर का प्रावधान ही नहीं किया

बायपास पार की लाखों की आबादी को शहर से जोड़ने वाली यह उपयोगी सड़क पीडब्ल्यूडी (डिवीजन-1) ने बिना योजना के बना डाली थी। इस फोरलेन सड़क को लोग मैदान की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि विभाग ने सड़क तो बना दी थी लेकिन सेंट्रल लाइटिंग, डिवाइडर का प्रावधान ही नहीं किया था। इन कामों के लिए बीच में जगह छोड़ रखी थी, ताकि पैसा मिले तो दोनों काम कर दें।

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