इंदौर में सोमवार शाम हुआ दर्दनाक हादसा: बेकाबू ट्रक ने मचाया कहर, 3 की मौत, 12 घायल

सोमवार शाम इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने करीब एक किलोमीटर तक कई लोगों और वाहनों को कुचलते हुए मौत का तांडव मचा दिया। इस भीषण हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरे घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। 12 अन्य घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में जारी है।

हादसे में जान गंवाने वालों में इंदौर विकास प्राधिकरण के वरिष्ठ सहायक कैलाशचंद्र जोशी और वैशाली नगर के निवासी व रिटायर्ड प्रोफेसर लक्ष्मीनारायण सोनी (47) शामिल हैं। वहीं, महेश खतवासे ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ा।


ट्रक में फंसी बाइक से निकली चिंगारी, लगी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, MP09 ZP 4069 नंबर वाले इस ट्रक ने करीब 15 लोगों को चपेट में लिया। टक्कर के दौरान ट्रक में आग लग गई। शुरू में यह समझा गया कि गुस्साए लोगों ने ट्रक को आग के हवाले कर दिया, लेकिन बाद में पता चला कि टक्कर के बाद एक बाइक ट्रक में फंस गई थी, जो घिसटते-घिसटते ब्लास्ट हो गई और ट्रक में आग लग गई।


सीएम मोहन यादव पहुंचेंगे घायलों से मिलने

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और उन्होंने घायलों से मिलने के लिए इंदौर आने की घोषणा की है। साथ ही, मृतकों के परिजनों से भी वे मुलाकात करेंगे। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव शिवशेखर शुक्ला भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर इंदौर पहुंच चुके हैं।

आग में झुलसे कैलाशचंद्र, ट्रक के नीचे से निकाला गया

हादसे के दौरान कैलाशचंद्र जोशी ट्रक के नीचे फंस गए थे। फंसी हुई बाइक के घर्षण से चिंगारी निकली और देखते ही देखते ट्रक और बाइक दोनों में आग लग गई। कैलाशचंद्र के कपड़े भी जलने लगे। स्थानीय लोगों ने उन्हें जलती हालत में ट्रक के नीचे से बाहर निकाला, लेकिन वे बच नहीं सके।

12 घायलों में एक ही परिवार के चार लोग

घायलों में गीतांजलि अस्पताल में 6, वर्मा यूनियन में 2, बांठिया में 2, अरबिंदो और भंडारी अस्पताल में एक-एक मरीज भर्ती हैं। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों में एक ही परिवार के चार सदस्य—अशोक गोपलानी, काजल देवी, अंकिता और संवेद डूडानी शामिल हैं।

ड्राइवर ने रास्ता भटका, नो एंट्री में घुसा

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक जैन ट्रांसपोर्ट का था और यह सांवेर रोड से गत्ते लेकर निकला था। इसे पोलो ग्राउंड पहुंचना था, लेकिन ड्राइवर रास्ता भटक कर एयरपोर्ट रोड की ओर आ गया, जो शाम के समय भारी वाहनों के लिए प्रतिबंधित (नो एंट्री) क्षेत्र है। कालानी नगर इलाके में पुलिस ने ट्रक को रोकने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर तेजी से भाग निकला।

लक्ष्मीनारायण थे घर के अकेले कमाने वाले सदस्य

लक्ष्मीनारायण सोनी की पहचान उनके आधार कार्ड से की गई। वे मेडिकैप्स कॉलेज में प्रोफेसर थे और सुखदेव कॉलोनी में रहते थे। पत्नी, बेटा, मां और बहनों के साथ उनका परिवार था। उनके भतीजे रवि ने बताया कि वे हर दिन रात 8 बजे तक घर लौट आते थे। सोमवार को जब रात 9 बजे तक वे नहीं आए, तो घरवालों ने उनकी तलाश शुरू की। आधे घंटे बाद पुलिस ने घर पहुंचकर एक्सीडेंट की जानकारी दी। जब परिवार अस्पताल पहुंचा, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

परिजनों का सवाल: पुलिस की मौजूदगी में ट्रक अंदर कैसे आया?

कैलाशचंद्र जोशी वैशाली नगर के मिहिर अपार्टमेंट में रहते थे। उनके भतीजे अभिषेक जोशी ने कहा कि शाम 6-7 बजे तक वे रोज घर लौट आते थे, लेकिन सोमवार को वे नहीं लौटे। रात 11:30 बजे पुलिस उनके घर आई और ट्रक में फंसी बाइक के नंबर से पहचान कर जानकारी दी।

अभिषेक ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, “शहर में इतने सारे चेकिंग पॉइंट और पुलिस मौजूद होने के बावजूद एक भारी ट्रक नो एंट्री में कैसे घुस गया? इतनी बड़ी चूक कैसे हुई?”

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