भोपाल। मध्यप्रदेश में हुक्का लाउंज पर पूरी तरह से पाबंदी लगेगी। फिलहाल न तो इसकी परिभाषा स्पष्ट है और न ही कानूनन यह प्रतिबंधित है। इस वजह से सरकार चाहकर भी कार्रवाई नहीं कर पा रही है। इसे ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने हुक्का लाउंज पर पाबंदी लगाने के लिए विधेयक तैयार किया है। इस पर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में चर्चा होगी।

इस विधेयक की आवश्यकता पर मध्यप्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि अब तक हुक्का लाउंज को मध्यप्रदेश में प्रतिबंधित और परिभाषित नहीं किया गया है। इसे ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने विधेयक तैयार किया है। इसे मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा। कैबिनेट में चर्चा के बाद विधेयक को मुहर लगाई जाएगी। सरकार की कोशिश इस विधेयक को विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पारित करने की होगी।

सजा के प्रावधान

गृह विभाग ने जो विधेयक तैयार किया है, उसमें हुक्का लाउंज के लिए कड़े नियम बनाए गए हैं। अगर हुक्का लाउंज चलते पाया गया तो संचालक को एक से तीन साल तक की सजा का प्रावधान इस विधेयक में होगा। इसी तरह पचास हजार से एक लाख रुपये तक का अर्थदंड भी हो सकेगा। इस विधेयक का प्रावधान कहता है कि सब इंस्पेक्टर और इससे ऊपर की रैंक का कोई भी पुलिस अधिकारी किसी भी हुक्का लाउंज पर कार्रवाई कर सकेगा।

सिनेमाघरों का संचालन नगरीय विकास विभाग को

कैबिनेट में जिन अन्य विषयों पर चर्चा होगी, उनमें मल्टीप्लेक्स और सिंगल स्क्रीन थिएटरों के साथ-साथ सिनेमाघरों के संचालन की निगरानी जिम्मेदारी नगरीय विकास एवं आवास विभाग को देने की तैयारी है। इससे नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर परिषदों की आय बढ़ाने में सरकार को मदद मिलेगी। नियमों का उल्लंघन किए जाने पर जुर्माना पांच हजार से बढ़ाकर पचास हजार रुपये करने का प्रस्ताव है। इसी तरह हर दिन लगने वाले जुर्माने की राशि 500 रुपये से बढ़ाकर पांच हजार रुपये करने का भी प्रस्ताव है।

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