देश में स्वच्छता के लिए पहचान बना चुके इंदौर में पिछले तीन दिनों से सफाई व्यवस्था प्रभावित है। शहर की कई कॉलोनियों और मोहल्लों में जगह-जगह कचरे के ढेर दिखाई दे रहे हैं। जिन क्षेत्रों में सफाईकर्मी रहते हैं, उनके आसपास की कॉलोनियों में भी कचरा अधिक जमा हो गया है।

दरअसल, अपनी मांगों को लेकर शहर के पांच हजार से अधिक सफाईकर्मी 5 अक्टूबर से हड़ताल पर हैं। सफाईकर्मियों के काम पर नहीं आने से घर-घर कचरा संग्रहण और सड़कों की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। कई जगह लोग सड़कों और खाली स्थानों पर कचरा फेंकने को मजबूर हो रहे हैं।

शहर के प्रमुख बाजारों में भी कचरा नहीं उठने से दुकानदारों की परेशानी बढ़ गई है। कई दुकानदारों को पिछले तीन दिनों से दुकानों में ही कचरा जमा करके रखना पड़ रहा है। सोमनाथ की चाल, नेहरू नगर, पलासिया, नंदानगर, बाणगंगा और अन्नपूर्णा समेत कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं हो सकी।

इंदौर में रोजाना 500 से अधिक कचरा वाहन घर-घर से करीब 800 टन कचरा एकत्र करते हैं। हड़ताल के कारण ज्यादातर क्षेत्रों में कचरा वाहन नहीं पहुंच पाए। घरों में दो दिन से कचरा जमा होने के कारण कुछ रहवासियों ने इसे खाली प्लॉट और खुले स्थानों पर डाल दिया। पेड़ों से गिरने वाली पत्तियों का कचरा भी हवा के साथ सड़कों पर फैलता रहा।

सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से बातचीत कर समाधान निकालने के प्रयास शुरू किए गए हैं। हालांकि, अब तक कोई सकारात्मक समाधान सामने नहीं आया है।


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