इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में प्रेम विवाह के महज 25 दिन बाद एक नवविवाहिता की हत्या का मामला सामने आया है। नेहरू नगर में रहने वाली वंदना कुशवाह की हत्या उसकी जेठानी पार्वती बाई ने कथित तौर पर चाकू से गर्दन पर दो वार कर की। इसके बाद आरोपी ने वंदना को घर के बाहर बनी पानी से भरी हौज में डाल दिया।
पुलिस के अनुसार, घटना के समय वंदना का पति उपेंद्र पटेल अपने बड़े भाई को खाना देने के लिए अरविंदो अस्पताल गया हुआ था। वहीं पार्वती बाई के बच्चे स्कूल गए थे और उसका पति भी अस्पताल में भर्ती था। वारदात के बाद पार्वती अपने पति के पास अस्पताल चली गई।
पुलिस पूछताछ में पार्वती ने हत्या की बात स्वीकार की है। पुलिस के मुताबिक, वह अपने भाई को लेकर वंदना की ओर से किए गए एक कमेंट से नाराज थी। पार्वती का भाई रेप के एक मामले में दमोह जेल में बंद है। राखी के दिन वंदना ने उसके बारे में टिप्पणी की थी। इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था।
बताया गया है कि विवाद के दौरान वंदना ने पार्वती से कहा था कि उसका पति उसके वश में है और वह पार्वती, उसके पति तथा बच्चों को घर से निकलवा देगी। पुलिस के मुताबिक, इसी बात से गुस्साई पार्वती ने किचन से चाकू उठाया और वंदना की गर्दन पर दो वार कर दिए। वंदना के बेसुध होने के बाद उसे हौज में फेंक दिया गया।
गुरुवार दोपहर पड़ोसियों ने घर से वंदना के चीखने की आवाज सुनी थी। कुछ देर बाद जब घर में कोई हलचल नहीं दिखी तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो घर के बाहर बनी हौज में वंदना का शव मिला। शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस को शरीर पर चोट के निशान भी मिले हैं।
डीसीपी नरेंद्र रावत के अनुसार, शव मिलने के बाद पार्वती भी नेहरू नगर पहुंची थी। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की, जिसमें पार्वती को घर से बाहर निकलते देखा गया। इसके बाद पुलिस ने रात में उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पुलिस ने चाकू पर फिंगरप्रिंट मिलने की बात कही। इसके बाद पार्वती ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वारदात के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और हत्या के बाद पार्वती ने क्या-क्या किया।
11 अगस्त को हुआ था प्रेम विवाह
पुलिस के मुताबिक, उपेंद्र और वंदना पहले राऊ के नेहरू नगर में रहते थे। उपेंद्र की नशे की आदत के कारण वंदना का परिवार बाद में राजनगर में किराए के मकान में रहने लगा था। इसके बाद 11 अगस्त को वंदना और उपेंद्र ने प्रेम विवाह किया था।
वंदना के लापता होने पर उसके परिवार ने चंदन नगर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस के सामने दिए बयान में वंदना ने खुद को बालिग बताते हुए उपेंद्र के साथ रहने की बात कही थी। इसके बाद दोनों उपेंद्र के घर आकर रहने लगे थे।
पार्वती के पति भूपेंद्र फुटपाथ पर कपड़ों की दुकान लगाते हैं, जबकि उपेंद्र जूते की दुकान लगाता है। वंदना के भाई की करीब तीन साल पहले एसिड पीने से मौत हो चुकी है। उसके पिता धर्मेंद्र ड्राइवर हैं। वंदना उनकी इकलौती बेटी थी। पिता के अनुसार, 12 अगस्त को थाने में बयान देने के बाद उनकी बेटी से दोबारा बात नहीं हो सकी थी।

Post a Comment