इंदौर में एक जैन परिवार ने विवाह समारोह को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए प्रेरणादायक पहल की। इस शादी में मेहमानों से पारंपरिक उपहारों की जगह केवल पौधे लाने का अनुरोध किया गया। परिवार की इस पहल को अतिथियों का भरपूर समर्थन मिला और विवाह में कुल 264 पौधे उपहार स्वरूप भेंट किए गए। इनमें से 40 पौधों का रोपण समारोह स्थल पर ही अतिथियों और विशिष्ट लोगों की मौजूदगी में किया गया।
शहर के एक कपड़ा व्यवसायी के बेटे का विवाह एक जैन परिवार की युवती से संपन्न हुआ। विवाह से पहले ही दोनों परिवारों ने तय कर लिया था कि वे किसी भी तरह के पारंपरिक उपहार स्वीकार नहीं करेंगे। इस संदेश को विवाह के निमंत्रण पत्र में भी शामिल किया गया था। मेहमानों ने इस अनुरोध का सम्मान करते हुए नवदंपती को केवल पौधे ही भेंट किए। समारोह स्थल पर लगाए गए 40 पौधों के अलावा बाकी पौधों का रोपण परिवार और अतिथियों द्वारा अलग-अलग स्थानों पर किया जाएगा।
विवाह समारोह का सबसे खास पल तब देखने को मिला, जब अंगूठी पहनाने की पारंपरिक रस्म के साथ दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को पौधे भी भेंट किए। इस अनूठी पहल के माध्यम से दोनों ने अपने वैवाहिक जीवन को प्रकृति संरक्षण के संकल्प से जोड़ने का संदेश दिया। मंच से जैन धर्म के सात वैवाहिक संकल्पों के साथ पर्यावरण संरक्षण का विशेष संकल्प भी दिलाया गया।
समारोह में मौजूद सैकड़ों मेहमानों ने नवविवाहित जोड़े को शुभकामनाएं देने के साथ स्वयं भी कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा विवाह देखा, जहां उपहारों की बजाय हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता दी गई।

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