देश में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, सीबीएसई मॉडल को लेकर उठ रहे सवालों और नीट परीक्षा विवाद के विरोध में आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर दोपहर 1 बजे एक छात्र-केंद्रित संगठन द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता थाली और चम्मच बजाकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाएंगे और सरकार के प्रति अपना प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराएंगे।
आंदोलन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और शिक्षा क्षेत्र में जवाबदेही तय करने की मांग को प्रमुखता से उठाना है।
संगठन के संस्थापक अभिजीत ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर परीक्षा विवादों और कथित अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों के परिवारों को 1 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उनका कहना है कि बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों के कारण छात्रों और अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर हुआ है।
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी इस कार्यक्रम में शामिल होने की घोषणा की है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाने का समर्थन किया है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, परीक्षा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और शिक्षा क्षेत्र में प्रभावी सुधारों के लिए ठोस नीति लागू करना शामिल है।


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