इंदौर के कनाड़िया क्षेत्र में शराब कारोबार से जुड़े दिनेश के आत्महत्या मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली है। मंगलवार को भोपाल से पहुंची सीबीआई टीम ने परिवार से मुलाकात कर मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई और महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की।
दिनेश ने नवंबर 2025 में कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले उन्होंने आबकारी विभाग की तत्कालीन एक वरिष्ठ अधिकारी पर 22 लाख रुपये रिश्वत लेने और हर महीने 3 लाख रुपये की मांग करने के आरोप लगाए थे। उस समय उनके पास पांच शराब दुकानों का संचालन था।
परिजनों के मुताबिक, सीबीआई के करीब छह अधिकारी उनके घर पहुंचे और लगभग तीन घंटे तक परिवार के विभिन्न सदस्यों से अलग-अलग बातचीत की। जांच दल ने दिनेश के कमरे का निरीक्षण किया और रिश्तेदारों से भी जानकारी एकत्र की।
सीबीआई अधिकारियों ने उनकी मां के बयान दर्ज करने की तैयारी की थी, लेकिन स्वास्थ्य खराब होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अधिकारियों ने बाद में दोबारा आने की बात कही है।
पूछताछ के दौरान टीम ने परिवार से अब तक हुई पुलिस जांच, दर्ज बयानों और कार्रवाई की स्थिति के बारे में जानकारी ली। अधिकारियों ने यह भी जानना चाहा कि यदि दिनेश किसी अधिकारी से परेशान थे तो उन्होंने इस संबंध में उच्च स्तर पर शिकायत क्यों नहीं की।
मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया था जब दिनेश की मौत के करीब 45 दिन बाद उनका एक वीडियो सामने आया। वीडियो में उन्होंने आबकारी विभाग की अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो सार्वजनिक होने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर संबंधित अधिकारी को निलंबित कर दिया गया था और मामले की जांच स्थानीय पुलिस को सौंपी गई थी।
पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं होने पर दिनेश की मां ने दिसंबर 2025 में हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। सुनवाई के बाद अदालत ने 18 मई को सीबीआई को मामला दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए। इसके बाद सीबीआई ने 22 मई को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच के दौरान सीबीआई टीम ने घर में मौजूद कारोबारी और वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, मामले से जुड़े अन्य पहलुओं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

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