ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा ने एक विशेष संदेश जारी कर हज की अहमियत पर जोर देते हुए ईरान विरोधी ताकतों को चेतावनी दी। मंगलवार सुबह जारी संदेश में ईरान और अन्य मुस्लिम देशों के संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा गया कि कई खाड़ी देश अमेरिका और इजरायल के खिलाफ एकजुट हैं। मोजतबा के कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में कहा गया कि समय का पहिया पीछे नहीं घूमता और खाड़ी देशों की ताकतें अब अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए ढाल नहीं बनेंगी। साथ ही अमेरिका को क्षेत्र में साजिशें रचने और ठिकाने बनाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिलने की बात कही गई।

सुप्रीम लीडर ने मुस्लिम जगत से हज को अमेरिका और इजरायल के खिलाफ वैश्विक विरोध का माध्यम बनाने की अपील की। उन्होंने इस्लामी देशों से एकजुट होकर नई इस्लामिक सभ्यता के निर्माण का आह्वान भी किया। ईरानी जायरीनों से कहा गया कि वे तीसरे युद्ध में मिली जीत की कहानी अन्य मुस्लिम देशों तक पहुंचाएं और फिलिस्तीन व अल-अक्सा मस्जिद की मुक्ति के लिए विशेष प्रार्थना करें।

ईरान के इतिहास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 47 वर्ष पहले जनता ने विदेशी शक्तियों पर निर्भर शासन को हटाया था और बाहरी प्रभाव को समाप्त किया था। आगे कहा गया कि जब सद्दाम के शासन ने ईरान पर हमला किया था, तब देश के युवाओं और लड़ाकों ने आठ वर्षों तक संघर्ष जारी रखा और विरोधी ताकतों को पीछे हटने पर मजबूर किया।

संदेश में कहा गया कि आर्थिक प्रतिबंधों, राजनीतिक दबाव और अन्य चुनौतियों के बावजूद ईरान ने अपना प्रतिरोध जारी रखा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिका द्वारा हालिया सैन्य कार्रवाई को आत्मरक्षा बताया गया, जबकि ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका के एक एमक्यू-9 रिपर ड्रोन को मार गिराया है। बताया गया कि हालिया कार्रवाई समुद्री मार्गों की सुरक्षा और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास मिसाइल खतरों को रोकने के उद्देश्य से की गई।

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