जल संकट ने इंदौर में हाहाकार मचा दिया है। जगह-जगह पानी को लेकर लोग सड़कों पर उतरकर चक्काजाम कर रहे हैं। पानी नहीं मिलने पर जिम्मेदारों को कोस रहे हैं। चक्काजाम और धरना-प्रदर्शन के बाद भी लोगों को पानी नहीं मिल रहा है।
पानी की किल्लत ने लोगों को इस कदर मजबूर कर दिया है कि उन्हें दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। कई जगहों पर लोगों को पानी देने से मना भी कर दिया जाता है। ऐसे में जहां पानी मिल रहा है, वहीं से लोग पानी भरकर ले जा रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा पालदा चौराहे पर देखने को मिला।
रविवार को पानी की समस्या को लेकर वार्ड 75 और वार्ड 64 के लोगों ने मिलकर पालदा चौराहे पर चक्काजाम किया। करीब तीन से चार घंटे तक लोग धूप में पानी की मांग को लेकर बैठे रहे। हाथों में तख्तियां और बोतलों में गंदा पानी लेकर लोग सिर्फ यही मांग कर रहे थे कि उन्हें पीने का पानी उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी परेशानी कम हो सके।
हालांकि लोग अपनी पानी की समस्या को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इससे वहां से गुजरने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सिटी बसों से लेकर ट्रैवल बसें तक जाम में फंसी रहीं। काफी देर तक चले हंगामे के बाद प्रशासन और लोगों के बीच सहमति बनी, जिसके बाद चक्काजाम समाप्त हुआ।
पालदा चौराहे पर हनुमान मंदिर के पास एक हैंडपंप लगा हुआ है, जिस पर लाल रंग से लिखा है कि पानी पीने योग्य नहीं है। इसके बावजूद कई लोग वहां से पानी भरते नजर आए। लोगों का कहना था कि जब पीने के लिए दूसरा पानी उपलब्ध नहीं है, तो मजबूरी में इसी पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।
इलाके में रहने वाले एक स्थानीय निवासी ने बताया कि पानी नहीं होने पर यही पानी पीना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पानी को छानकर या गर्म करके इस्तेमाल कर रहे हैं। खराब पानी से बीमारी होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब दूसरा पानी उपलब्ध ही नहीं है, तो मजबूरी में इसी का उपयोग करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग करीब 600 मीटर दूर से पानी भरने के लिए यहां पहुंच रहे हैं।

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