नगर निगम शहर में अतिक्रमण हटाने के नाम पर लगातार कार्रवाई का दावा कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। निगम की कार्रवाई फिलहाल ठेले और रेहड़ी लगाने वाले छोटे व्यापारियों तक ही सीमित नजर आ रही है, जबकि शहर के कई बड़े अतिक्रमण आज भी बेखौफ जारी हैं।
हैरानी की बात यह है कि नगर निगम मुख्यालय से करीब 500 मीटर दूरी पर स्थित एक व्यस्त चौराहे पर कई दुकानदारों द्वारा खुलेआम अतिक्रमण किया गया है। दुकानों के बाहर फुटपाथ तक सामान फैलाकर व्यापार किया जा रहा है, जिससे पैदल चलने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थिति यह है कि फुटपाथ पर व्यापार होने से राहगीरों के लिए रास्ता तक नहीं बचा। वहीं दुकानों पर आने वाले ग्राहकों के वाहन सड़क पर खड़े हो जाते हैं, जिससे पूरे चौराहे का ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है। दिनभर यहां जाम जैसे हालात बने रहते हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
इस मामले को पहले भी उठाया गया था। उस दौरान नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद भी मौके पर किसी प्रकार की कार्रवाई होती दिखाई नहीं दी।
इस पूरे मामले में जानकारी लेने के लिए जब नगर निगम के अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मुलाकात करना उचित नहीं समझा। नगर निगम लगातार शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के दावे कर रहा है, लेकिन सवाल अब भी वही है — क्या कार्रवाई सिर्फ छोटे व्यापारियों तक ही सीमित रहेगी, या बड़े अतिक्रमणकारियों पर भी निगम सख्ती करेगा?
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