अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए सख्त संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ वार्ता कर रहे अमेरिकी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की जल्दबाजी न की जाए और प्रक्रिया को पूरी सावधानी के साथ आगे बढ़ाया जाए, ताकि दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध को सही तरीके से समाप्त किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे मामले में समय और परिस्थितियां फिलहाल अमेरिका के पक्ष में हैं।
अपने बयान में राष्ट्रपति डोनाल्ड टी. ने दोहराया कि किसी भी परिस्थिति में ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने या रखने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने 2015 की परमाणु डील की आलोचना करते हुए उसे एक गलत समझौता बताया और कहा कि उस समय की नीतियों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बढ़ावा दिया था। उन्होंने कहा कि वर्तमान बातचीत अधिक व्यवस्थित और सख्त तरीके से आगे बढ़ रही है।
होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े तनाव पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लागू आर्थिक और रणनीतिक दबाव तब तक जारी रहेगा जब तक अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन जाती। उन्होंने कहा कि समाधान के लिए दोनों पक्षों को समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ संबंध पहले की तुलना में अधिक पेशेवर हुए हैं, लेकिन उसे यह स्पष्ट समझना होगा कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं कर सकता। इस दौरान उन्होंने मध्य-पूर्व के सहयोगी देशों के समर्थन के लिए आभार भी व्यक्त किया और भविष्य में क्षेत्रीय शांति प्रयासों में ईरान की संभावित भागीदारी की उम्मीद जताई।

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