मालवा और निमाड़ अंचल में अप्रैल के महीने में ही भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है और पूरा क्षेत्र भट्टी की तरह तप रहा है। शुक्रवार को रतलाम में अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो क्षेत्र में सबसे अधिक रहा। इसी तरह धार में 42.4, खरगोन में 42.0, खंडवा और उज्जैन में 41.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

इंदौर में भी पारा 41.2 डिग्री तक पहुंच गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले एक सप्ताह तक इस तपती गर्मी से राहत मिलने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है। शनिवार को भी इंदौर में सुबह से ही भीषण गर्मी का असर रहा। सुबह 7 बजे से तेज धूप शुरू हो गई और 11 बजे तक तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया।

इंदौर शहर में शुक्रवार इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इस साल यह पहली बार है जब पारा 41 डिग्री के पार पहुंचा है। आंकड़ों के अनुसार, 14 अप्रैल से ही शहर का तापमान लगातार 39 से 40 डिग्री या उससे अधिक बना हुआ है। शुक्रवार दोपहर हवाओं की स्थिति लू जैसी रही, जहां लगभग 12 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलने वाली गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसा दिया। अगले सात दिनों तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना जताई गई है।

इस बार गर्मी का एक खास पैटर्न भी देखा जा रहा है कि सुबह 8 बजे तक मौसम सामान्य रहता है, लेकिन जैसे ही धूप तेज होती है, तापमान तेजी से बढ़ने लगता है। सुबह 10 बजे तक ही पारा 36 डिग्री तक पहुंच जाता है और दोपहर होते-होते यह 40 डिग्री या उससे ऊपर निकल जाता है।

लगातार 11 दिनों तक तापमान का 40 डिग्री से ऊपर बने रहना पुराने हीटवेव रिकॉर्ड्स को चुनौती दे रहा है। खास बात यह है कि इस बार केवल दिन ही नहीं, बल्कि रात का तापमान भी सामान्य से 4-5 डिग्री अधिक दर्ज किया जा रहा है। रात में गर्मी अधिक रहने के कारण लोगों को लगातार असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस अत्यधिक गर्मी के पीछे हवाओं का रुख मुख्य कारण है। वर्तमान में हवाएं पश्चिमी दिशा से आ रही हैं, जो गर्म इलाकों की ओर से तपिश लेकर पहुंच रही हैं। इसके साथ ही आसमान साफ रहने के कारण सूरज की किरणें सीधे जमीन तक पहुंच रही हैं, जिससे गर्मी का प्रभाव और बढ़ गया है।

इंदौर में अप्रैल महीने का औसत अधिकतम तापमान सामान्यतः 38.7 डिग्री सेल्सियस रहता है। आमतौर पर 40 डिग्री का स्तर अप्रैल के बाद पार होता है, लेकिन पिछले 10 वर्षों में इस पैटर्न में बदलाव देखा गया है। अब अप्रैल की शुरुआत या मध्य में ही कई दिनों तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने लगा है, जिसे मौसम विशेषज्ञ एक महत्वपूर्ण बदलाव मान रहे हैं।

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