मंडला जिले में आवारा कुत्तों की नसबंदी के नाम पर एक बड़े घोटाले की आशंका ने हड़कंप मचा दिया है। एक कॉलोनी स्थित मकान से कुत्तों के सैकड़ों अंग बरामद होने के बाद मामला गंभीर हो गया है।
पशु प्रेमी निशा की शिकायत पर नगर पालिका, पशु चिकित्सा विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर करीब 500 मेल और 200 फीमेल ऑर्गन जब्त किए। ये सभी अंग फॉर्मलीन में संरक्षित पाए गए, जिससे मामले में गड़बड़ी की आशंका और गहरी हो गई है।
जानकारी के अनुसार, यह मकान एक महिला का बताया जा रहा है, जिसे एक निजी संस्था को अस्थायी शेल्टर के रूप में दिया गया था। इसी संस्था को नगर पालिका द्वारा आवारा कुत्तों की नसबंदी का टेंडर मिला था, लेकिन तय समय में काम शुरू नहीं किया गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि बाहर से कुत्तों के अंग लाकर जमा किए गए थे, ताकि बिना वास्तविक नसबंदी कार्य किए ही भुगतान लिया जा सके। इस मामले की शिकायत पहले ही पुलिस और जनसुनवाई में की जा चुकी थी।
नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि लापरवाही के चलते 2 अप्रैल को टेंडर निरस्त कर दिया गया। ईएमडी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
वहीं, पशुपालन विभाग के अनुसार नसबंदी के बाद निकाले गए अंगों के निपटान की तय प्रक्रिया होती है। ऐसे में इतनी बड़ी मात्रा में अंगों का संग्रह गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस को मामले की जांच सौंपी गई है। शुरुआती तौर पर इसे बड़े घोटाले की साजिश माना जा रहा है, जिसका समय रहते खुलासा हो गया।

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