देवास जिले के टोंककला में 14 मई को हुए पटाखा फैक्टरी हादसे में झुलसे अजय और निरंजन की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। शुक्रवार रात दोनों घायलों ने दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है। फैक्ट्री विस्फोट के बाद से दोनों का उपचार एमवाय अस्पताल में चल रहा था। बर्न यूनिट में दोनों की हालत लगातार गंभीर बनी हुई थी। दोनों मजदूर बिहार के रहने वाले थे।

वहीं इंदौर के एमवाय अस्पताल में भर्ती एक अन्य घायल राम उम्र (20) की सोमवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

हादसे में घायल विशाल उम्र (25) को सिर में गंभीर चोट आने के बाद न्यूरो सर्जरी वार्ड में भर्ती किया गया था। धमाके के दौरान वह दूर जाकर गिर पड़ा था, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लगी और खून का थक्का जम गया। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज जारी रहा। बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

बर्न यूनिट में संक्रमण की आशंका को देखते हुए पांच नर्सिंग कर्मचारियों की शिफ्ट वाइज 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार मरीजों की देखभाल में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। वहीं दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती चार घायलों में से तीन को डिस्चार्ज कर दिया गया, जबकि एक मरीज का उपचार जारी है और उसकी हालत स्थिर बताई गई है।

देवास जिले के टोंककला इलाके में गुरुवार सुबह करीब 11:30 बजे पटाखा फैक्टरी में जोरदार धमाका हुआ था। हादसे में 20 से अधिक लोग घायल हुए थे। मृत मजदूर उत्तर प्रदेश और बिहार के बताए गए हैं। शुरुआत में धीरज, सनी और सुमित की मौत की जानकारी सामने आई थी। बाद में इलाज के दौरान अमर, गुड्डू, राम, अजय और निरंजन की भी मौत हो गई।

ब्लास्ट इतना तेज था कि शवों के टुकड़े 20 से 25 फीट दूर तक जा गिरे। फैक्ट्री की दीवारें पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं और आसपास के मकान भी हिल गए। हादसे के बाद झुलसे मजदूर बदहवास हालत में बाहर निकलते दिखाई दिए। फैक्ट्री परिसर के बाहर जले हुए अवशेष बिखरे पड़े मिले।

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